सौगन्ध खाकर आप संसद में भूल गए
सड़कों पर दुर्गन्ध आ रही विचित्र है।।
सारे छल छंद किये अपना प्रबन्ध किये
भाषण दिये तो लगा भावना पवित्र है ।।
कामना करेंगे किन्तु काम ना करेंगे आप
जन अभिशाप पाप दिखता सचित्र है।।
कोई गिरगिट कहीं मस्त दिख जाये तब
लगता है ऐसा कि ये आपका चरित्र है।।
सड़कों पर दुर्गन्ध आ रही विचित्र है।।
सारे छल छंद किये अपना प्रबन्ध किये
भाषण दिये तो लगा भावना पवित्र है ।।
कामना करेंगे किन्तु काम ना करेंगे आप
जन अभिशाप पाप दिखता सचित्र है।।
कोई गिरगिट कहीं मस्त दिख जाये तब
लगता है ऐसा कि ये आपका चरित्र है।।